भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 (Bharatiya Nyaya Sanhita Section 4) – दंड के प्रकार और पूरा विवरण

भारतीय न्याय संहिता की धारा 4

भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 (Bharatiya Nyaya Sanhita Section 4) – दंड के प्रकार और पूरा विवरण अपडेट: 29 अक्टूबर 2025 | लेखक: DhanIndia टीम भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 क्या है? भारतीय न्याय संहिता की धारा 4 (Bharatiya Nyaya Sanhita Section 4) दंड से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण प्रावधानों में से एक है। … Read more

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3 के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रमुख न्यायालयीन निर्णयो के साथ| क्या BNS की धारा 3 का कोई महत्व है भी के नही?

भारतीय न्याय संहिता

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3 – विस्तृत जानकारी धारा 3 का नाम “सामान्य व्याख्याएँ (General Explanations)” भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3 का उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की धारा 3 का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है किकानून में प्रयुक्त शब्दों, परिभाषाओं और अपराधों को एक समान अर्थ … Read more

धारा २ : भारतीय न्याय संहिता (BNS)

भारतीय न्याय संहिता

भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 2 एक परिभाषा खंड है, जिसका अर्थ है कि यह संहिता में उपयोग किए गए विभिन्न महत्वपूर्ण शब्दों और वाक्यांशों को परिभाषित करती है। इसमें कई उप-धाराएं (sub-sections) हैं, जिनमें से प्रत्येक एक अलग शब्द या वाक्यांश को परिभाषित करती है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा … Read more

आर्टिकल 1:भारतीय न्याय संहिता

आर्टिकल 1 कानून का नाम है और कब से चालू है यह बताता है |यह आर्टिकल पूरे भारत मे (जम्मू कश्मीर सहित) लागु होता है| यह 1 जुलाइ 2024 से लागु होता है |यह कोई अपराध या सजा की धारा नहीं है| बस कानून की शुरुआत बताती है| इसका उपयोग चार्जशीट,कोर्ट पेपर मे लिखा जाता … Read more

भारतीय कानून की शुरुआत और विकास|

भारतीय कानून

भाग 1.भारतीय कानून :प्राचीन काल और वैदिक युग| भारतीय कानून की जडे प्राचीन भारतीय से जुडी हुई है| हडप्पा काल से भारत मे एक सुव्यवस्थित तन्त्र था|वैदिक काल(इ.पू१५००-५००) मे कानून मुख्य रूप से धार्मिक ग्रंथो और परंपरा पर आधारित था| ऋग्वेद,यजुर्वेद जैसे वेदों में सामाजिक नियमों का उल्लेख है,जिनमे यज्ञ,नैतिक आचरण और सामाजिक कर्तव्यो का … Read more