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इस हफ्ते IPO बाजार में हलचल: अभी खुले और 30 सितंबर से आने वाले IPO की पूरी जानकारी

Upcoming IPO 2026 में 28 सितंबर से 5 अक्टूबर तक Mainboard और SME के 20 नए IPO की जानकारी

Upcoming IPO 2026: सितंबर के आखिरी सप्ताह में Mainboard और SME IPO की पूरी जानकारी

सितंबर का आखिरी सप्ताह IPO बाजार में काफी व्यस्त रहने वाला है। 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच 20 IPO आने वाले हैं, जिनसे कंपनियां करीब ₹1,292 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। इनमें Mainboard के साथ SME कंपनियां भी शामिल हैं।

29 सितंबर को कुछ IPO की बोली खत्म हो रही है। वहीं 30 सितंबर से नए इश्यू के लिए आवेदन शुरू होंगे। ऐसे में इस सप्ताह IPO बाजार में पैसा लगाने की सोच रहे निवेशकों के सामने कई विकल्प हैं, लेकिन हर IPO की लॉट साइज और न्यूनतम निवेश राशि अलग है।

29,30 सितंबर 2026 को किन IPO की बोली खत्म हो रही है?

29 सितंबर को चार Mainboard IPO की सदस्यता अवधि खत्म हो रही है। इसके अलावा Shah Investor’s Home और SRIT India की बोली 30 सितंबर तक चलेगी।

IPOप्राइस बैंडलॉट साइजएक लॉट की अधिकतम राशिअंतिम तारीख
AceVector₹30–₹32468₹14,97629 सितंबर
German Green Steel₹132–₹139107₹14,87329 सितंबर
Orient Cables₹258–₹27255₹14,96029 सितंबर
Runwal Enterprises₹290–₹30549₹14,94529 सितंबर
Shah Investor’s Home₹159–₹16785₹14,19530 सितंबर
SRIT India₹123–₹130115₹14,95030 सितंबर

एक नजर में देखें तो इन Mainboard IPO में एक लॉट के लिए करीब ₹14,000 से ₹15,000 तक की राशि चाहिए।

मिसाल के तौर पर AceVector का लॉट 468 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹32 रखने पर आवेदन राशि ₹14,976 बनती है।

यानी केवल शेयर की कीमत देखना काफी नहीं है। वास्तविक जरूरत समझने के लिए लॉट साइज × प्राइस बैंड देखना होगा।

30 सितंबर से IPO बाजार में नया धमाका: क्या आपका ₹30,000 का बजट तैयार है?

30 सितंबर से नए IPO खुलने वाले हैं। इनमें Mainboard और SME दोनों तरह के इश्यू शामिल हैं।

अगर किसी निवेशक का बजट करीब ₹30,000 है, तो दो IPO में एक-एक लॉट के उदाहरण से यह राशि लगभग पूरी हो सकती है।

यह केवल प्राइस बैंड के आधार पर आवेदन राशि की गणना है। किसी SME IPO में न्यूनतम आवेदन एक से अधिक लॉट का हो सकता है, इसलिए वास्तविक न्यूनतम निवेश अलग हो सकता है।

SME IPO में 1 लॉट के लिए ₹1 लाख से ज्यादा क्यों चाहिए?

SME IPO में शेयर की कीमत कम दिख सकती है, लेकिन लॉट साइज बड़ा होने के कारण कुल आवेदन राशि काफी बढ़ जाती है।

उदाहरण देखें:

SME IPOप्राइसलॉट साइजएक लॉट की राशि
Acme India₹196600₹1,17,600
Eventions₹1181,200₹1,41,600
TNA Solutions₹702,000₹1,40,000

इसलिए SME IPO देखते समय सिर्फ यह सवाल नहीं होना चाहिए कि शेयर ₹70 या ₹100 का है। असली सवाल है कि एक लॉट में कितने शेयर हैं और न्यूनतम कितनी राशि लगानी पड़ेगी।

Fresh Issue ज्यादा हो तो क्या IPO बेहतर होता है?

IPO में कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाती है तो उसे Fresh Issue कहा जाता है। दूसरी तरफ, मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं तो वह Offer for Sale यानी OFS होता है।

Fresh Issue से जुटाई गई रकम कंपनी के पास जाती है। इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार बढ़ाने, नई परियोजनाओं या दूसरी कारोबारी जरूरतों में किया जा सकता है।

OFS की रकम कंपनी को नहीं मिलती। यह शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों या प्रमोटरों को जाती है।

Fresh Issue और OFS का विश्लेषण करते समय इन बातों पर नजर डालें:

Fresh Issue में देखें:

OFS में देखें:

Fresh Issue बड़ा होना अपने आप में IPO को बेहतर नहीं बनाता। इसी तरह OFS होना भी अकेले कोई नकारात्मक संकेत नहीं है। पूरी तस्वीर कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और इश्यू की वैल्यूएशन से बनती है।

IPO Analysis: निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

IPO की जानकारी पढ़ते समय कुछ आंकड़े सीधे काम आते हैं:

इनमें से कई जानकारियां कंपनी के RHP (Red Herring Prospectus) में मिल जाती हैं। केवल सोशल मीडिया चर्चा या IPO के GMP के आधार पर पूरी तस्वीर समझना मुश्किल है।

GMP क्या बताता है?

IPO का Grey Market Premium (GMP) लिस्टिंग से पहले बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले आंकड़ों में से एक है। लेकिन यह आधिकारिक एक्सचेंज डेटा नहीं है और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।

यही वजह है कि GMP को संभावित लिस्टिंग संकेत के तौर पर देखा जाता है, कंपनी की गुणवत्ता का प्रमाण नहीं माना जाता।

अगर GMP ऊंचा है तो भी कंपनी की कमाई, कर्ज और वैल्यूएशन अलग से देखनी पड़ती है। दूसरी तरफ कम GMP का मतलब यह भी नहीं कि कंपनी का कारोबार खराब है।

30 सितंबर क्यों खास है?

30 सितंबर को पुराने IPO की बोली खत्म होने के साथ नए इश्यू भी बाजार में दस्तक देंगे। यानी एक ही समय पर कई IPO के बीच पूंजी बांटने की स्थिति बन सकती है।

Mainboard IPO में जहां एक लॉट की राशि अक्सर ₹15,000 के आसपास दिख रही है, वहीं कुछ SME IPO में यही राशि ₹1 लाख से ऊपर जा रही है।

यही अंतर इस सप्ताह के IPO Calendar को खास बनाता है।

Mainboard और SME IPO में क्या अंतर है?

आधारMainboard IPOSME IPO
कंपनी का आकारआमतौर पर बड़ी कंपनियांछोटे और मध्यम व्यवसाय
लॉट साइजआमतौर पर कमअक्सर बड़ा
न्यूनतम निवेशतुलनात्मक रूप से कमकई मामलों में अधिक
कारोबारअपेक्षाकृत बड़ाअपेक्षाकृत छोटा
कीमत में उतार-चढ़ावकंपनी और बाजार पर निर्भरअपेक्षाकृत अधिक हो सकता है
जांच के मुख्य बिंदुवित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, RHPइन्हीं के साथ लॉट साइज और लिक्विडिटी

दोनों सेगमेंट के IPO को एक ही नजरिए से देखना सही नहीं होगा। खासकर SME में बड़ी आवेदन राशि और सीमित लिक्विडिटी जैसे पहलू भी सामने आते हैं।

IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी का RHP (Red Herring Prospectus) और अन्य आधिकारिक दस्तावेज जरूर पढ़ें। इन दस्तावेजों को SEBI की Public Issues वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

निष्कर्ष

इस सप्ताह IPO बाजार में गतिविधि काफी ज्यादा है। 29 सितंबर को कई Mainboard IPO बंद हो रहे हैं और 30 सितंबर से नए इश्यू खुलने वाले हैं।

निवेश से पहले प्राइस बैंड और GMP के साथ लॉट साइज, Fresh Issue, OFS, कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

IPO में आवेदन करना है या नहीं, यह फैसला कंपनी की पूरी जानकारी और अपनी जोखिम क्षमता को देखकर ही लेना चाहिए।

FAQ

1. 29 सितंबर को कौन से IPO बंद हो रहे हैं?

AceVector, German Green Steel, Orient Cables और Runwal Enterprises की बोली 29 सितंबर को समाप्त हो रही है।

2. 30 सितंबर से नए IPO खुलेंगे?

हां। 30 सितंबर से नए Mainboard और SME IPO के लिए सदस्यता शुरू होने वाली है।

3. SME IPO में निवेश राशि ज्यादा क्यों होती है?

बड़े लॉट साइज के कारण एक लॉट की कुल आवेदन राशि ₹1 लाख से ऊपर जा सकती है।

4. क्या GMP आधिकारिक आंकड़ा है?

नहीं। GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।

5. Fresh Issue और OFS में मुख्य अंतर क्या है?

Fresh Issue में जुटाया गया पैसा कंपनी को मिलता है, जबकि OFS में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं।

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