Jio IPO 2026: तारीख, Price Band, Lot Size और अप्लाई करने का तरीका

Jio IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुला है और 23 अक्टूबर तक चलेगा। Price Band ₹1,065 से ₹1,119 है और एक Lot में 12 Shares आते हैं। इस लेख में Dates, पैसों का हिसाब, Apply करने का तरीका और Risk सरल भाषा में हैं। यह सिर्फ़ जानकारी है, Investment Advice नहीं।

मैं खुद IPO भरती हूँ। पिछले महीने जो IPOs खुले थे, उनमें भी मैंने Apply किया था, पर एक भी Allot नहीं हुआ। हाल ही में Sahajanand Medical Technologies के IPO में मुझे Allotment मिला, जबकि Tonbo Imaging में नहीं मिला। पर इस बार मामला कुछ अलग और बड़ा है। पैसों के मामले में Jio IPO को देश का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है, इसलिए मैंने खुद भी इसमें Apply किया है और इसे एकदम आसान भाषा में, पूरे हिसाब-किताब और Risk के साथ आपके सामने रखा है।

Table of Contents

Jio IPO एक नज़र में

अगर आप कम समय में सारा हिसाब-किताब देखना चाहती हैं, तो नीचे Jio IPO की सारी जरूरी Details टेबल में दी गई हैं:

जरूरी बातें (Details)जानकारी (Information)
IPO खुलने की तारीख21 अक्टूबर 2026
IPO बंद होने की तारीख23 अक्टूबर 2026
Price Band₹1,065 से ₹1,119 प्रति Share
Lot Size12 Shares
कम से कम लगने वाला पैसा (ऊपरी भाव पर)₹13,428
Issue Size₹28,755 करोड़ से ₹30,213 करोड़ (सिर्फ नया Fresh Issue, कोई OFS नहीं)
Valuation (ऊपरी भाव के हिसाब से)करीब ₹10.3 लाख करोड़
Allotment (तारीख का अंदाज़ा)26 अक्टूबर 2026
Listing (तारीख का अंदाज़ा)28 अक्टूबर 2026, NSE और BSE पर

एक छोटी सी बात: ये Allotment और Listing की तारीखें सिर्फ अनुमानित हैं। फाइनल अपडेट के लिए NSE, BSE या कंपनी के आधिकारिक RHP से एक बार चेक ज़रूर कर लीजिएगा।

Jio Platforms IPO के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स और RHP डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें: Jio IPO Official Details

Jio IPO , फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) और OFS: आसान शब्दों में

जब कोई कंपनी पहली बार आम लोगों को अपने Shares ऑफर करती है, तो उसे IPO कहते हैं। इसके बाद वही Shares स्टॉक मार्केट (Stock Market) में खरीदे और बेचे जाने लगते हैं।

अब यहाँ दो ऐसे टर्म्स आते हैं जहाँ अक्सर लोग उलझन में पड़ जाते हैं, आइए इन्हें बहुत ही सरल तरीके से क्लियर कर लेते हैं:

  • Fresh Issue: इसमें कंपनी बिल्कुल नए Shares जनरेट करके सीधे पब्लिक को बेचती है। इस तरह जो भी Funds या पैसा इकट्ठा होता है, वह सीधा कंपनी के Bank Account यानी कंपनी के पास ही जाता है।
  • OFS (Offer for Sale): इसमें कंपनी कोई नए Shares नहीं लाती, बल्कि जो पुराने प्रमोटर्स या अर्ली इन्वेस्टर्स (Existing Promoters / Investors) पहले से होते हैं, वे अपने खुद के पास रखे Shares बेचते हैं। ऐसे में जो भी पैसा मिलता है, वह सीधा उन बेचने वाले मालिकों के पास जाता है, कंपनी को कुछ नहीं मिलता।

Jio IPO की सबसे बड़ी और खास बात यही है कि इसमें सिर्फ Fresh Issue है, एक रुपये का भी OFS नहीं है। इसका मतलब साफ है कि इस IPO से जो भी भारी-भरकम पैसा आएगा, उसका पूरा का पूरा हिस्सा सीधा कंपनी की ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए उसी के पास जाएगा।

Jio Platforms क्या काम करता है?

Jio Platforms देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी है, जो मुख्य रूप से Reliance Industries के अंडर काम करती है। यह बहुप्रतीक्षित IPO इसी कंपनी का है।

इसके कामकाज को एकदम सीधी और सरल भाषा में कुछ इस तरह समझ सकते हैं:

  • मोबाइल और इंटरनेट सर्विस: Jio का सबसे बड़ा और मुख्य काम यही है। इसे इसकी सब्सिडियरी कंपनी Reliance Jio Infocomm संभालती है। कंपनी के ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, 30 जून 2026 तक इसके पास कुल 53.33 करोड़ एक्टिव कस्टमर्स थे।
  • डिजिटल सर्विसेज: JioTV जैसे पॉपुलर ऐप्स और दूसरी ऑनलाइन टेक सर्विसेज भी इसी कंपनी के दायरे में आती हैं।

कंपनी में किसकी कितनी हिस्सेदारी है? (Shareholding Pattern)

इस IPO से पहले कंपनी में बड़े निवेशकों का हिसाब-किताब कुछ इस तरह है:

शेयरहोल्डर (Shareholder)IPO से पहले हिस्सेदारी (31 मार्च 2026 तक)
Reliance Industries (RIL)66.43%
Meta से जुड़ी कंपनी (Jaadhu Holdings)लगभग 9.98%
Google Internationalलगभग 7.73%

जैसे ही यह IPO मार्केट में उतरेगा और नए Shares जारी किए जाएंगे, पुरानी कंपनियों और प्रमोटर्स की यह हिस्सेदारी परसेंटेज के हिसाब से थोड़ी कम हो जाएगी।

Company की कमाई और Telecom Sector पर पकड़

किसी भी नए IPO में पैसे लगाने का मन बनाने से पहले यह परख लेना बहुत जरूरी हो जाता है कि Company का कारोबार कितना बड़ा है और असल में पैसा किस स्रोत से आ रहा है।

Company के Revenue में कितनी तेजी देखने को मिली है?

बीते कुछ वर्षों के दौरान Company के रेवेन्यू का लेखा-जोखा कुछ इस तरह रहा है:

समय (Period)कुल कमाई (Revenue from Operations)पिछले साल के मुकाबले बढ़त (YoY Growth)
FY2024₹1,09,558 करोड़—
FY2025₹1,28,218 करोड़लगभग 17%
FY2026₹1,46,885 करोड़लगभग 14.6%
जून 2026 की तिमाही (Q1 FY27)₹39,173 करोड़लगभग 11.8%
जून 2025 की तिमाही (Q1 FY26)₹35,032 करोड़—

इससे यह साफ झलकता है कि Revenue लगातार ऊपर की तरफ जा रहा है, हालांकि इसकी रफ्तार में थोड़ी नरमी जरूर दर्ज की गई है। (यहाँ जून तिमाही के आंकड़ों की तुलना पिछले साल की समान अवधि से की गई है)।

असली कमाई का मुख्य स्रोत क्या है?

इस Company की कुल कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा Reliance Jio Infocomm (RJIL) यानी टेलीकॉम और इंटरनेट Services से ही आता है:

समय (Period)कुल कमाई में RJIL की हिस्सेदारीकुल EBITDA में हिस्साकुल मुनाफे (PAT) में हिस्सेदारी
FY202491.38%96.21%95.53%
FY202589.02%95.42%94.97%
FY202687.74%94.88%93.76%
जून 2026 की तिमाही87.34%93.89%92.31%

(नोट: EBITDA का मतलब यहाँ कंपनी के रोजमर्रा के खर्च चुकाने के बाद बचे हुए Operating Profit से है।)

यदि इन आंकड़ों पर गहरी नजर डालें, तो पता चलता है कि Telecom का योगदान हर साल थोड़ा-थोड़ा कम हो रहा है, जिसका संकेत यह है कि अन्य सेक्टर्स भी धीरे-धीरे तरक्की कर रहे हैं। इसके बावजूद, आज भी Company के कुल Net Profit का 92% से ज्यादा हिस्सा अकेले Telecom Business से ही आ रहा है।

दो और ऐसी अहम बातें जो आपको पता होनी चाहिए:

  • Prepaid Recharge पर भारी निर्भरता: FY2026 के दौरान Company की कुल कमाई का लगभग 77% हिस्सा अकेले प्रीपेड कनेक्टिविटी Services के जरिए ही आया है।
  • केवल एक मुख्य Distributor: Company के प्रीपेड रिचार्ज बाजार में बेचने की पूरी जिम्मेदारी अकेले Reliance Retail Limited के कंधों पर है। Company ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि यदि इस Partnership या आपसी व्यवस्था में कोई खटास आती है, तो उनके मुख्य Business पर गंभीर असर पड़ सकता है।

इन तमाम जरूरी Points को हमने आगे ‘Risk’ वाले हिस्से में और भी विस्तार से कवर किया है।

Jio IPO का पैसा कहाँ लगेगा? (Use of Proceeds)

हर इन्वेस्टर के मन में यह सवाल सबसे पहले आना ही चाहिए। आखिर Company को Funds की जरूरत क्यों है, इससे उसकी स्ट्रैटेजी और रिस्क दोनों का अंदाजा लग जाता है।

चूँकि पूरा IPO Fresh Issue है, इसलिए आम जनता से जो भी पैसा जुटाया जाएगा, वह सीधे Jio Platforms के पास जाएगा। इसमें से एक भी रुपया Reliance, Meta या Google की जेब में नहीं जाने वाला है।

अब यह जान लेते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल कहाँ और कैसे होगा:

खर्चे की मद (Object)तय रकमआसान शब्दों में इसका मतलब
Reliance Jio Infocomm (RJIL) के Borrowings का Prepayment या Repayment₹27,500 करोड़ तकपुराना उधार चुकाना। अगर ऊपरी भाव की बात करें, तो यह कुल Gross Proceeds का लगभग 91% हिस्सा बनता है।
General Corporate Purposesबची हुई रकम (Gross Proceeds के 25% से ज्यादा नहीं)Company की रोजमर्रा की सामान्य जरूरतें।

साफ है कि इस IPO का मुख्य मकसद कोई नया कारोबार खड़ा करना नहीं, बल्कि Company पर लदे पुराने कर्ज के बोझ को कम करना है। यह सारा कर्जा मुख्य रूप से टेलीकॉम कंपनी RJIL का ही है।

इससे क्या समझ आता है?

  • जब मार्केट से पैसे आकर कर्ज चुकेगा, तो ब्याज का बोझ काफी हद तक कम होगा और Company के पास आगे के Investments के लिए नया स्पेस बन जाएगा।
  • हालांकि, इसे हम “कंपनी के विस्तार के लिए नया कैपिटल” वाला IPO नहीं कह सकते, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा पुराने हिसाब को चुकता करने में ही खर्च हो रहा है।
  • अगर 31 मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो Company का Net Debt करीब ₹27,579 करोड़ था। (यहाँ Net Debt का मतलब कुल कर्ज में से Company के पास मौजूद Cash को निकालकर बचा हुआ बकाया कर्ज होता है)।

इन सभी बातों और पैसों के सटीक ब्योरे के लिए आप Company के आधिकारिक RHP के “Objects of the Issue” वाले सेक्शन को एक बार जरूर पढ़ लें।

Valuation: Jio IPO कितना महँगा है और कितना सस्ता?

किसी भी Company की Valuation का सीधा मतलब यह निकाला जाता है कि शेयर बाज़ार उस Company की कुल कितनी हैसियत या कीमत आंक रहा है। अगर हम इसके ऊपरी Price Band यानी ₹1,119 को बेस मानकर चलें, तो Jio Platforms की कुल Market Cap लगभग ₹10.3 लाख करोड़ के आसपास बैठती है।

P/E Ratio: दूसरी कंपनियों से इसकी तुलना

शेयर बाज़ार की भाषा में P/E का मतलब यह होता है कि आप Company की एक साल की कमाई के मुकाबले असल में कितना गुना पैसा चुका रहे हैं।

तुलना का पैमानाP/E (FY2026 के Diluted EPS के आधार पर)
Jio (₹1,065 के निचले भाव पर)31.71
Jio (₹1,119 के ऊपरी भाव पर)33.31
Industry Peer Group का औसत (13 अक्टूबर 2026 तक)22.35

इन आंकड़ों से यह साफ पता चलता है कि Jio का P/E अपने बाक़ी Peers (प्रतिद्वंद्वी कंपनियों) के औसत से करीब 42% से 49% तक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि निवेशक Company की मौजूदा कमाई के मुकाबले थोड़े ज़्यादा दाम चुका रहे हैं।

अब सवाल यह उठता है कि ऐसा फर्क क्यों है? इस पर मार्केट Experts की राय बंटी हुई है। लेकिन हमारे पिछले सेक्शन वाली बात यहाँ बिल्कुल फिट बैठती है कि Company की Income का बड़ा हिस्सा आज भी Telecom सेक्टर से ही आ रहा है।

एक और ज़रूरी फाइनेंशियल रेश्यो गौर करने लायक है। Net Worth पर मिलने वाला रिटर्न यानी Return on Net Worth का Weighted Average निकालें, तो FY2024, FY2025 और FY2026 के दौरान यह औसतन 9.04% दर्ज किया गया है।

साल 2020 के बड़े निवेशकों से तुलना

निवेशक का नामसाल 2020 में शेयर की कीमतIPO का ऊपरी भावकितने गुना रिटर्न
Meta और Google₹488.34₹1,119लगभग 2.3 गुना

यह उम्मीद के मुताबिक है या उससे कम?

मीडिया Reports की मानें तो ऊपरी भाव के लिहाज़ से Jio की कुल Valuation करीब $108 अरब आंकी जा रही है। हालांकि, शुरुआती दौर की कुछ Reports में इसका अनुमान $130 से $170 अरब तक लगाया गया था। इन Reports में यहाँ तक कहा गया है कि इस कीमत पर Jio का मूल्यांकन Bharti Airtel से थोड़ा कम बैठता है। चूंकि Airtel की Market Cap शेयर बाज़ार में रोज़ ऊपर-नीचे होती रहती है, इसलिए तुलना करते वक्त तारीख ज़रूर मिला लें।

इसके अलावा, जून 2026 के दौरान Motilal Oswal ने Jio की Valuation $115 से $118 अरब और Dolat Capital ने लगभग $110 अरब के आसपास आंकी थी।

अब यह Valuation आपको सस्ती लगती है या महंगी, इसका अंतिम फैसला आपको अपने विवेक से करना है। यहाँ दी गई सारी तुलना सिर्फ आपकी जानकारी और समझने के लिए है, इसे किसी भी तरह की Investment Advice (निवेश सलाह) न समझें।

“सबसे बड़ा IPO” वाली बात: आधी सच्चाई और कुछ अनकहे पहलू

Jio के इस IPO के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की हो रही है कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। लेकिन इस दावे के पीछे की असल सच्चाई को गहराई से समझना बेहद जरूरी है।

आम तौर पर लोग यही मानकर चल रहे हैं कि “Jio का IPO भारत का सबसे बड़ा IPO है।”

लेकिन Reality यह है कि अगर आप भारतीय करंसी यानी रुपयों के लिहाज से देखें तो यह बात बिल्कुल सही साबित होती है। पर जब बात डॉलर के पैमाने पर आती है, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है—यानी भारतीय रुपये के हिसाब से यह सबसे बड़ा है, लेकिन डॉलर के मामले में यह दूसरे पायदान पर ठहरता है।

आंकड़ों की तुलना

IPO का नामIssue Size (रुपयों में)Issue Size (डॉलर के हिसाब से, रिपोर्ट्स के मुताबिक)
Jio Platforms (ऊपरी भाव पर)₹30,213 करोड़लगभग $3.2 अरब
Hyundai Motor India (अक्टूबर 2024)लगभग ₹27,870 करोड़लगभग $3.3 अरब

यानी शुद्ध रूप से भारतीय रुपये के मामले में Jio ने सबको पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, डॉलर के Terms में Hyundai का IPO आज भी थोड़ा आगे खड़ा दिखाई देता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि साल 2024 में डॉलर के मुकाबले रुपया आज की तुलना में ज्यादा मजबूत स्थिति में था, इसलिए Hyundai की पुरानी रुपये-रकम डॉलर में थोड़ी ज्यादा यानी करीब $3.3 अरब बैठती है।

एक और गौर करने वाली बात यह है कि शुरुआती दौर की मीडिया Reports में इस IPO का Size काफी बड़ा यानी करीब ₹37,000 करोड़ तक होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन फाइनल Issue Size सिमटकर ₹30,213 करोड़ पर ही आ गया।

साइज बड़ा होने का मतलब यह नहीं कि यह बेस्ट Investment है

किसी भी IPO का सबसे बड़ा होना इस बात की बिल्कुल भी गारंटी नहीं देता कि वह सबसे बेहतरीन Investment भी साबित होगा। Issue Size सिर्फ यह दिखाता है कि कंपनी बाजार से कुल कितना फंड कलेक्ट कर रही है, न कि यह कि उस पैसे को वहाँ लगाना आपके लिए कितना फायदेमंद या मुनाफे का सौदा रहेगा।

Institutional Investors की मजबूत Demand

Jio IPO में बड़े Institutional Investors की तरफ से जबरदस्त Demand देखने को मिली है। IPO ओपन होने से पहले ही Anchor Investors ने भारी-भरकम Shares के लिए Bids लगा दी थी।

Jio Platforms ने ₹1,119 के ऊपरी भाव पर 212 Anchor Investors को ₹8,109.85 करोड़ के Shares Allocate किए हैं। इस Anchor Book के लिए कुल ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा यानी करीब $26 अरब की Bids मिलीं, जो रिजर्व Allocation से लगभग 30 गुना ज्यादा थीं।

Key DetailsStatistics
Anchor Investors212
Anchor Allocation₹8,109.85 करोड़
Total Anchor Bids₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा / लगभग $26 अरब
Largest AllocationLIC (₹500 करोड़)

इस Anchor Book में LIC, BlackRock, Capital Group, Fidelity, GIC, ADIA और कई सारे Domestic Mutual Funds शामिल रहे।

इसके अलावा, IPO अपने पहले ही दिन यानी 21 अक्टूबर 2026 को कुछ ही घंटों में पूरी तरह Subscribe हो गया। दोपहर 4:14 बजे तक कुल Subscription 2.96x दर्ज किया गया, जिसमें QIB 8.97x, NII 1.48x और Retail 0.67x रहा।

Live Update Box Last Updated: 22 अक्टूबर 2026, 11:40 AM Total Subscription: 3.54x (पहले दिन, 21 अक्टूबर 2026, 4:14 PM तक: 2.96x | QIB: 8.97x | NII: 1.48x | Retail: 0.67x)

नोट: ये आंकड़े NSE/BSE पर लगातार बदलते रहते हैं।

बड़े निवेशकों की यह भारी Demand एक पॉजिटिव संकेत जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आपको Allotment मिल ही जाएगा या Listing के बाद Profit की पक्की गारंटी होगी।

कौन अप्लाई कर सकता है?

Jio IPO में हर कोई एक ही कतार में नहीं खड़ा है। हर Category का अपना अलग हिस्सा यानी Quota और नियम तय होते हैं। इसलिए अपनी सही Category पहचानकर ही आगे बढ़ें।

मेरा अपना अनुभव: मैं खुद IPO के लिए Apply करती हूँ। पिछले महीने के IPOs में मैंने अप्लाई किया था, पर एक भी Allotment नहीं मिला। हाल ही में Sahajanand Medical Technologies में Allotment मिला, जबकि Tonbo Imaging में नहीं मिला। Jio IPO में मैंने Regular श्रेणी में आवेदन किया है और Shareholder श्रेणी में भी बोली लगाई है।

1. आम निवेशक (Retail Individual Investor)

  • [ ] आपका Demat Account और UPI या बैंक अकाउंट एक्टिव है।
  • [ ] आपकी कुल Bids ₹2 लाख तक की है।
  • [ ] कम से कम 1 Lot (12 Shares) यानी ₹13,428 और ज्यादा से ज्यादा 14 Lots (168 Shares) यानी ₹1,87,992 (ऊपरी भाव पर)।
  • [ ] इस Category के लिए Net Issue का कम से कम 35% हिस्सा आरक्षित है।

2. Reliance Industries (RIL) के शेयरधारक

  • [ ] आपके पास RIL का कम से कम 1 Share होना चाहिए।
  • [ ] आपने RIL के Shares 14 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले खरीदे हों, यानी RHP की तारीख तक।
  • [ ] इनके लिए ₹2,500 करोड़ तक का अलग Quota रखा गया है।
  • [ ] Shareholder कोटे में ₹2 लाख तक की बोली लगाई जा सकती है, और इसके अलावा Retail Category में भी अलग से ₹2 लाख तक का विकल्प रहता है।

इस कोटे में अलग से Apply करने पर Allotment मिलने की संभावना थोड़ी बढ़ सकती है, पर इसकी कोई पक्की गारंटी नहीं होती, क्योंकि हर जगह Demand के हिसाब से ही Allotment तय होता है।

3. Jio के कर्मचारी (Eligible Employees)

  • [ ] आप कंपनी के पात्र Employees हैं।
  • [ ] इनके लिए ₹500 करोड़ तक का हिस्सा तय है।
  • [ ] प्रति Share ₹54 की विशेष छूट मिलती है।
  • [ ] कर्मचारी कोटे में बोली की सीमा ₹5 लाख तक है।

4. बड़े निवेशक: NII (₹2 लाख से ऊपर)

  • [ ] आपकी कुल बोली ₹2 लाख से ज्यादा की है।
  • [ ] इस Category के लिए Net Issue का कम से कम 15% हिस्सा है।

5. संस्थागत निवेशक: QIB

  • [ ] Mutual Funds, बीमा कंपनियां, विदेशी संस्थाएं जैसे SEBI से मान्यता प्राप्त बड़े निवेशक।
  • [ ] इनके लिए Net Issue का 50% तक हिस्सा रखा गया है।
  • [ ] आम निवेशक इस Category में सीधे Apply नहीं कर सकते।

एक नज़र में कोटा (Quota Overview)

श्रेणी (Category)हिस्सा (Share)
QIBNet Issue का 50% तक
NIINet Issue का कम से कम 15%
RetailNet Issue का कम से कम 35%
कर्मचारी (Employees)₹500 करोड़ तक
RIL Shareholder₹2,500 करोड़ तक

अप्लाई करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही PAN पर अलग-अलग खातों से एक ही श्रेणी में बार-बार आवेदन करने पर नियम अनुसार फॉर्म रद्द हो सकते हैं।
  • Shareholder Quota के लिए आपके Demat Account में RIL के Shares उसी PAN पर होने चाहिए जिससे आप IPO भर रही हैं।
  • कर्मचारी कोटे के लिए पात्रता की सभी शर्तें RHP में विस्तार से दी गई हैं।
  • श्रेणी से जुड़े पक्के नियमों के लिए RHP के “Issue Structure” वाले हिस्से को एक बार जरूर पढ़ लें।

कितना पैसा लगेगा? हिसाब-किताब

Jio IPO में कम से कम 1 Lot (12 Shares) भरना जरूरी होता है। एक आम Retail Investor की बोली ₹2 लाख तक ही सीमित हो सकती है, इसलिए इस कैटेगरी में अधिकतम 14 Lots बनते हैं। इस IPO का Price Band ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है।

LotsSharesनिचले भाव पर (₹1,065)ऊपरी भाव पर (₹1,119)
112₹12,780₹13,428
224₹25,560₹26,856
560₹63,900₹67,140
10120₹1,27,800₹1,34,280
14 (अधिकतम)168₹1,78,920₹1,87,992

जरूरी बातें जो आपको ध्यान रखनी चाहिए:

  • अगर आप ऊपरी भाव पर 15 Lots के लिए जाते हैं, तो कुल रकम ₹2,01,420 बैठती है। चूँकि यह सीमा ₹2 लाख से ऊपर निकल जाती है, इसलिए यह Retail नहीं बल्कि NII (या sNII) कैटेगरी में गिनी जाएगी।
  • UPI Application के जरिए आवेदन करने पर आमतौर पर ऊपरी भाव (Cut-off Price) के हिसाब से ही बैंक खाते में रकम Block होती है। यदि आपको Allotment नहीं मिलता है या फाइनल कीमत कम तय होती है, तो बची हुई अतिरिक्त रकम वापस Unblock या Refund हो जाती है।
  • यदि आप RIL Shareholder Quota के तहत पात्र हैं, तो आप वहाँ भी अलग से Bid लगा सकते हैं। अगर आप Retail और Shareholder दोनों श्रेणियों में अलग-अलग आवेदन करते हैं, तो ऊपरी भाव के हिसाब से कुल मिलाकर लगभग ₹3.76 लाख तक की रकम Block हो सकती है।

मेरा अपना अनुभव: मैंने 1 Lot (12 Shares) Cut-off Price ₹1,119 पर भरा, और ऐप में “To be blocked” के आगे ₹13,428 ही दिखा, जो ऊपर की टेबल से मेल खाता है।

आपको कितने Lots भरने चाहिए, यह पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत बचत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है। यहाँ दी गई टेबल सिर्फ यह समझाने के लिए है कि किस विकल्प में कितना पैसा फँसता है, इसे किसी भी तरह की Investment Advice न समझें।

अप्लाई कैसे करें?

Jio IPO में Apply करने के दो मुख्य तरीके हैं: पहला Broker App के ज़रिए (UPI से) और दूसरा Net Banking के ज़रिए (ASBA से)। दोनों ही प्रोसेस में आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में ही सेफ रहता है और केवल कुछ समय के लिए Block होता है। Allotment मिलने पर ही पैसे काटे जाते हैं।

शुरू करने से पहले जरूरी बातें:

  • [ ] आपका Demat Account एक्टिव हो और उससे PAN लिंक हो।
  • [ ] बैंक खाते में Block होने जितनी राशि मौजूद हो।
  • [ ] यदि UPI के ज़रिए अप्लाई करना है, तो आपकी UPI ID सही हो और बैंक से जुड़ी हो।

रास्ता 1: Broker App (UPI के ज़रिए)

  1. अपने Broker App को ओपन करके IPO सेक्शन में जाएं और लाइव IPOs की लिस्ट में से Jio Platforms को चुनें।
  2. अपनी सही Category सिलेक्ट करें (जैसे Retail, RIL Shareholder या Employee), इसके बाद Lots की संख्या और प्राइस भरें। सबसे सेफ तरीका Cut-off Price चुनना होता है, ताकि फाइनल प्राइस जो भी तय हो, आपका आवेदन मान्य रहे।
  3. अपनी UPI ID दर्ज करें और एप्लीकेशन सबमिट कर दें।
  4. इसके तुरंत बाद अपने UPI App में जाकर आए हुए Mandate रिक्वेस्ट को अप्रूव करें और अपना PIN डालें। इस मैंडेट को मंज़ूरी दिए बिना आपका आवेदन पूरा नहीं माना जाएगा।

मेरा अपना अनुभव: मैंने खुद Broker App से UPI के ज़रिए अप्लाई किया। Regular श्रेणी चुनकर 1 Lot भरा, “At cutoff price” वाला विकल्प चुना और UPI Mandate अप्रूव किया। इसके बाद ऐप में स्टेटस “Applied. Waiting for allotment status” दिखने लगा।

मैने भी IPO apply किया है जिसमें मैने Reliance का share खरीद रखा था इसलिए मुझे regular apply और shareholder के रुप मे apply करने का मौका मिला जिसमें एक ही demate account से दो बार apply कर सकते है। मैने apply किया इसका screenshot नीचे दिया है।

रास्ता 2: Net Banking (ASBA के ज़रिए)

  1. अपने बैंक की Net Banking में लॉगिन करें और IPO / ASBA सेक्शन को खोलें।
  2. वहां Jio Platforms को सेलेक्ट करें, अपनी Category, Lots और प्राइस की डिटेल भरें।
  3. अपना सही Demat Account Number दर्ज करके आवेदन सबमिट करें। ऐसा करते ही आपके बैंक खाते में तय राशि Block हो जाएगी।

आवेदन के बाद क्या ध्यान रखें?

  • UPI Mandate समय पर अप्रूव हुआ या नहीं, इसे अपने ऐप में एक बार चेक जरूर कर लें।
  • खाते में रकम Block होने की पुष्टि और एप्लीकेशन की रसीद का स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
  • यह IPO आवेदन 23 अक्टूबर 2026 को बंद हो जाएगा। ध्यान रखें कि आखिरी समय में ब्रोकर्स और बैंकों के सर्वर पर लोड हो सकता है, इसलिए एकदम अंतिम घंटों का इंतज़ार न करें।

Allotment, Refund और Listing

IPO बंद होने के बाद अगले तीन वर्किंग डेज़ में मुख्य रूप से तीन प्रक्रियाएं पूरी होती हैं: Allotment फाइनल किया जाता है, जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलते उनके बैंक खाते से पैसे Unblock होते हैं या जिन्हें शेयर अलॉट हो जाते हैं उनके Demat Account में Shares ट्रांसफर किए जाते हैं, और अंत में Stock Exchanges पर Listing होती है।

चरण (Steps)अनुमानित तारीख (Estimated Dates)
IPO बंद23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
Basis of Allotment तय26 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
Demat में Shares आना, Refund / Unblock27 अक्टूबर 2026 (अंदाजित)
NSE और BSE पर Listing28 अक्टूबर 2026 (बुधवार)

ये सभी तारीखें अनुमानित हैं, इसलिए इनमें थोड़ा बदलाव भी हो सकता है।

Allotment Status कहाँ और कैसे देखें?

  • Registrar Website: इस IPO का Registrar KFin Technologies Limited है। आप इनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर IPO का नाम चुनकर अपना PAN या Application Number दर्ज करके स्टेटस देख सकते हैं।
  • BSE या NSE Site: दोनों प्रमुख एक्सचेंजों की ऑफिशियल साइट पर Allotment Status चेक करने के लिए एक अलग पेज होता है।
  • Broker App: आज के समय में लगभग सभी Broker Apps के IPO Order Section में ही स्टेटस दिख जाता है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर Notification भी आ जाता है।

शेयर न मिलने की स्थिति में पैसा कब वापस आता है?

UPI या ASBA के ज़रिए आवेदन करने पर आपके खाते से पैसे तुरंत कटते नहीं हैं, बल्कि सिर्फ Block रहते हैं। यदि आपको Allotment नहीं मिलता है या कम Shares मिलते हैं, तो बची हुई अतिरिक्त रकम को तुरंत Unblock कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया आम तौर पर Allotment फाइनल होने के अगले दिन तक पूरी हो जाती है। केवल शेयर मिलने की स्थिति में ही उतनी राशि आपके खाते से कटती है।

यदि आपको Allotment मिल जाए तो आगे क्या?

जिन्हें भी शेयर अलॉट होते हैं, उनके Demat Account में Listing की तारीख से पहले ही Shares आ जाते हैं। इसके बाद आप चाहें तो Listing वाले दिन ही उन्हें NSE या BSE पर बेच सकते हैं।

महत्वपूर्ण नोट: Listing का दिन भी पूरी तरह फिक्स नहीं होता। शेयर बाजार की तत्कालीन स्थिति और एक्सचेंज की तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते तारीखें आगे-पीछे हो सकती हैं।

GMP पर कितना भरोसा?

GMP (Grey Market Premium) वो अनौपचारिक भाव है जिस पर IPO की Listing से पहले Shares के सौदे होते हैं। यह रोज़ बदलता है और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा सबसे ज़्यादा होती है।

गलतफ़हमीसच
GMP से Listing का भाव पक्का पता चलता हैयह अनौपचारिक है और Listing के भाव की कोई गारंटी नहीं देता।
GMP ऊँचा है तो Profit तय हैListing के दिन का भाव बाज़ार के माहौल और उस समय की Demand-Supply पर निर्भर करता है।
GMP कोई एक्सचेंज का आँकड़ा हैयह NSE, BSE या SEBI का डेटा नहीं है, बल्कि एक अनियमित बाज़ार से आता है।
हर जगह एक ही GMP मिलेगाअलग-अलग Tracker Websites पर अलग भाव और समय के आँकड़े दिख सकते हैं।

Jio IPO का GMP कितना है?

Live Update Box GMP: ₹250 (22 अक्टूबर 2026, सुबह 10:05 बजे) ऊपरी भाव ₹1,119 पर अनुमानित भाव: ₹1,369 पहले का GMP: ₹148 से बढ़कर ₹250 हुआ आख़िरी अपडेट: 22 अक्टूबर 2026, सुबह 10:05 बजे

लेटेस्ट GMP देखने के लिए आप किसी भी भरोसेमंद IPO Tracker को देख सकती हैं, क्योंकि ये आंकड़े बार-बार बदलते रहते हैं।

GMP को कैसे समझें?

  • GMP सिर्फ यह दिखाता है कि अनौपचारिक बाज़ार में लोग अभी क्या अंदाज़ा लगा रहे हैं। यह कंपनी के फंडामेंटल्स या वैल्यूएशन के बारे में कुछ नहीं बताता।
  • Listing से पहले GMP कभी भी ऊपर-नीचे हो सकता है, और वास्तविक Listing Price इससे काफी अलग भी हो सकती है।
  • कई साइट्स GMP के हिसाब से Estimated Profit दिखाती हैं, जो सिर्फ एक गणित है, कोई पक्का वादा नहीं।
  • सिर्फ GMP को देखकर Apply करने का निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है।

मेरा अपना अनुभव: पिछले महीने के IPOs में मैंने देखा है कि कई बार GMP बहुत ज़्यादा होने के बावजूद Listing उम्मीद से काफ़ी कम पर हुई है। इसलिए सिर्फ GMP के भरोसे न रहें।

Benefits और Risks

कोई भी IPO सिर्फ फायदे या सिर्फ नुकसान का नहीं होता। आपके लेख के अब तक के सभी आंकड़ों के आधार पर, यहाँ दोनों पहलुओं को आसान भाषा में रखा गया है:

Benefits (फायदे की बातें)Risks (जोखिम की बातें)
बड़ी और भरोसेमंद Company: 30 जून 2026 तक 53.33 करोड़ Active Customers और Reliance Industries का मजबूत साथ।High Valuation: P/E 33.31 (ऊपरी भाव पर), जबकि Peer Group का औसत 22.35 है।
Heavy Demand: Anchor Book में ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की Bids और पहले दिन दोपहर 4:14 बजे तक 2.96x तथा 22 अक्टूबर को सुबह 11:40 बजे तक 3.54x Subscription मिला।Telecom पर निर्भरता: कुल मुनाफे का लगभग 90% से ज्यादा हिस्सा अकेले Telecom Business से आता है।
लगातार बढ़ती कमाई: FY2024 के ₹1,09,558 करोड़ से बढ़कर FY2026 में ₹1,46,885 करोड़ हो गई है।Funds Usage: ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल पुराना कर्ज चुकाने में होगा, न कि नए बिजनेस के विस्तार में।
Diversification: धीरे-धीरे Telecom का हिस्सा घट रहा है और दूसरे बिजनेस का योगदान बढ़ रहा है।Growth Speed Slow होना: बढ़त की रफ्तार में कुछ नरमी आई है और जून तिमाही के आंकड़े भी यही इशारा करते हैं।
बड़े Institutional Investors: Anchor Book में LIC, BlackRock, Fidelity और GIC जैसे नाम शामिल हैं।Prepaid Recharge पर Dependency: FY2026 की कुल कमाई का लगभग 77% हिस्सा इसी से आया है।
कर्ज घटने की उम्मीद: IPO के पैसों से कर्ज घटने पर ब्याज का बोझ कम हो सकता है।Single Distributor Risk: प्रीपेड रिचार्ज सिर्फ Reliance Retail बेचती है, और इनसे रिश्ते बिगड़ने पर असर पड़ सकता है।
Return on Net Worth: पिछले तीन साल का Weighted Average करीब 9.04% रहा है।
Market Condition & Competition: Listing के दिन का भाव बाजार के माहौल पर निर्भर है, और टक्कर में Bharti Airtel जैसी बड़ी कंपनियां हैं।

लिस्टिंग के बाद: शेयर अपने पास रखें या बेच दें?

यदि आपको Allotment मिल जाता है, तो Listing वाले दिन से ही आपके पास Shares बेचने का विकल्प होता है।

सवाल: क्या लिस्टिंग के दिन ही शेयर बेच देने चाहिए?

जवाब: यह पूरी तरह आपका व्यक्तिगत निर्णय है। कुछ निवेशक Listing के दिन ही मुनाफा बुक करना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लंबी अवधि के लिए होल्ड करते हैं। Listing का भाव GMP से अलग भी हो सकता है, इसलिए अपने निवेश के उद्देश्य (शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म) के हिसाब से फैसला लें।

सवाल: शेयर बेचने पर टैक्स कितना लगेगा?

जवाब: NSE या BSE पर Listed Shares (जिन पर STT लागू है) बेचने पर ये दरें रहती हैं:

कितने समय बाद बेचाटैक्स की दर (Tax Rate)
12 महीने या उससे कम (Short Term)20%
12 महीने से अधिक (Long Term)12.5% (साथ ही ₹1.25 लाख तक का मुनाफा टैक्स-फ्री)

Jio IPO के शेयरों को कुछ दिनों में बेचने पर यह Short Term Capital Gains (STCG) के दायरे में आएगा, जिस पर सेस (Cess) अलग से लग सकता है।

सवाल: नुकसान होने पर क्या टैक्स में राहत मिलती है?

जवाब: नियमों के मुताबिक शॉर्ट-टर्म नुकसान को अन्य शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म गेन से सेट-ऑफ किया जा सकता है और इसे 8 वर्षों तक कैरी-फॉरवर्ड कर सकते हैं। पक्के नियमों के लिए CA की सलाह लें।

जरूरी नोट: टैक्स नियम बदल सकते हैं। बेचने से पहले आयकर विभाग की साइट या किसी CA से ताज़ा दरों की पुष्टि ज़रूर कर लें। यह शैक्षणिक जानकारी है, Investment Advice नहीं।

सावधान: ठगी से बचें

बड़े IPO के समय फर्जीवाड़े का खतरा भी रहता है। इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • गारंटी झूठी है: कोई भी व्यक्ति “पक्का Allotment” नहीं दिला सकता। ऐसा दावा करने वाले सारे कॉल्स या मैसेज फर्जी होते हैं।
  • सोशल मीडिया टिप्स: Telegram या WhatsApp पर पैसे लेकर शेयर दिलाने वाले सीक्रेट Groups से हमेशा दूर रहें।
  • फर्जी लिंक्स: किसी अनजान ऐप या संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी बैंक डिटेल्स या पैसे न भेजें।
  • नंबर शेयर न करें: अपना OTP, PIN या UPI PIN कभी किसी को न बताएं।
  • असली प्रक्रिया में पैसा सिर्फ आपके अपने बैंक खाते में Block होता है, किसी अनजान खाते में ट्रांसफर नहीं किया जाता।

किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: कम से कम कितना निवेश करना होगा?

जवाब: 1 Lot (12 शेयर्स) के लिए ऊपरी भाव पर ₹13,428 लगेंगे।

सवाल 2: शेयर न मिलने पर पैसा कब अनब्लॉक होगा?

जवाब: यदि Allotment नहीं मिलता है, तो 27 अक्टूबर 2026 से आपके बैंक खाते या UPI से Block हटना शुरू हो जाएगा (यह बैंक की स्पीड पर निर्भर करता है)।

सवाल 3: क्या यह IPO पूरी तरह सुरक्षित है?

जवाब: शेयर बाजार में कोई भी निवेश जोखिम मुक्त नहीं होता। कंपनी बड़ी होने का मतलब यह कतई नहीं है कि मुनाफा पक्का ही होगा।

सवाल 4: क्या मुझे इसमें अप्लाई करना चाहिए?

जवाब: यह पूरी तरह आपका व्यक्तिगत निर्णय है। ओवरसब्सक्रिप्शन में अलॉटमेंट लॉटरी सिस्टम से होता है, इसलिए अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को परखकर ही फैसला लें।

निष्कर्ष (Conclusion)

Jio Platforms IPO अपने बड़े आकार, कर्ज चुकाने की योजना और भारी Demand की वजह से चर्चा के केंद्र में है। आवेदन करने से पहले RHP को ध्यान से समझें और केवल उतना ही जोखिम लें, जितना आप संभाल सकें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की Investment Advice नहीं है। शेयर बाजार के निवेश जोखिमों के अधीन हैं, इसलिए अपने Financial Advisor की सलाह जरूर लें।

PM mudra Loan Yojana 2026 के बारे में जानकारी के लिए हमारे इस आर्टिकल को पढ़ सकते है।

Leave a Comment